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हमारी शान शासन
हर साल सरकार का ये बहुत रोना
होता है . "किसान अपनी खेती को लेकर बहुत परेशान है और आपने कर्ज को न चुका पाने
के कारण वो आत्महत्या जैसे कदम उठाता है"
या फिर ये की "आए दिन युवा पीढ़ी रोजगार की भूखी है और हर जगह
अपराध बढ़ रहे है "
लेकिन नेता जी के पास न जाने कोन सा चश्मा है जो कुछ
को कुछ दिखाती है । लेकिन ये बात है की हमारे नेता या विधायक
बहुत काम करते है । पार्क बहुत है हमारे यहां पर पार्क से ज्यादा बनाने वालो का
नाम अंकित है जैसे ये उनकी ओर से दान हो और सभी खुशी खुशी इसे अपनाते है ।

मंच से जनता को भाई बहन बोल देने से उनके वोट fix to
हो ही जाते है nhi to vote bank काम तो होना ही है।
पूरी जिंदगी निकल जनता की परेशानी को
नेता जी तक पहुंचने और दिखाने में पर , न जाने कैसे चस्मे लगे है जो कुछ देखते ही
नहीं ।
शायद ये
कर सकती है सरकार

किसान का अनाज का भाव गेहूं 20/- प्रति किलो है और पेट्रोल
100/- प्रति लीटर । आप गेहूं का दाम बढाओ zayada nhi बस 10-20 रुपये फिर
देखो कौन किसान आत्महत्या krta hai
किंतु, परंतु, कारणों से, लेकिन सरकार ऐसा
नही करेगी ‘ अगर सब खुश हो जाएंगे तो लोग सरकार के उपकारों के
एसानमंद कैसे रहेंगे ’ । अरे जनता को मसाले दार News में फसाए रखेगे जैसे:— नोट
बंदी , स्टेच्यू आफ यूनिटी, किसान बिल,आदि जिसमे जनता भी व्यस्त और सरकार को
आजादी।
written by
Gamer Sandesh
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